ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati अपनी गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा के तहत कौशांबी पहुंचे, जहां विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध मां शीतला कड़ा धाम में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। साथ ही मंझनपुर मुख्यालय में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन भी किया।
मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि यह यात्रा गौ माता की रक्षा और उनके सम्मान के लिए जनजागरण अभियान के रूप में निकाली जा रही है। उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत गोरखपुर से हुई है और यह प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचकर गौ संरक्षण का संदेश दे रही है। यात्रा का समापन 22 जुलाई को गोरखपुर में होगा।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष महत्व रहा है, लेकिन वर्तमान समय में उनकी सुरक्षा को लेकर सरकारें गंभीर नजर नहीं आ रही हैं। शंकराचार्य ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों का दायित्व है कि वे गौ रक्षा सुनिश्चित करें, अन्यथा उन्हें जनता के बीच जवाब देना होगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे उसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी का समर्थन करेंगे, जो गौ माता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा। शंकराचार्य ने गौ संरक्षण को सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की।